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रेल मंत्रालय की घोषणा के बाद बोले खान सर, पहले निर्णय लेते तो इतना उपद्रव नहीं होता


Patna: आज तीसरे दिन भी गणतंत्र दिवस के अवसर पर छात्रों का हंगामा जारी है। छात्रों के इस हंगामे पर प्रसिद्ध Youtuber और पटना के शिक्षक खान सर का बयान सामने आया है। खान सर ने कहा की आरआरबी का सेकंड डिसिजन गलत था जिसके कारण छात्रों का आंदोलन उग्र हुआ। अब तो पटना डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने भी कहा है कि यह लीडर लेस आंदोलन चल रहा है। ऐसे में खान सर इसमें कहां से आ जाता हैं। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन के उग्र होने के पीछे कारण आरआरबी का सेकंड डिसिजन था। वही रेल मंत्रालय की घोषणा पर कहा कि यदि यह निर्णय पहले लिया जाता तो इतना उपद्रव नहीं होता।


बता दें कि RRB-NTPC परीक्षा में धांधली को लेकर छात्रों ने आज पटना-गया रेल लाइन को जाम कर दिया और हाथ में तिरंगा लिए छात्र रेलवे ट्रैक पर बैठ गए। गया में उग्र छात्रों ने श्रमजीवी एक्सप्रेस में आग लगाने की कोशिश की साथ ही तोड़फोड़ भी की। आक्रोशित छात्रों ने रेलवे ट्रैक पर खड़ी ट्रेन की बोगियों को आग के हवाले कर दिया।
वही बिहार समेत देश के कई दूसरे हिस्सों में छात्रों के उग्र हंगामे के बाद रेल मंत्रालय ने NTPC यानि नॉन टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरी और RRB के लेवल 1 की परीक्षा पर रोक लगा दिया है। रेलवे मंत्रालय की ओर से यह जानकारी दी गयी कि परीक्षाओं पर रोक लगाने के साथ ही एक कमेटी का भी गठन किया गया है। रेलवे की ये कमेटी परीक्षा में फेल या पास हुए छात्रों की आपत्तियों को सुनेगी और छानबीन के बाद रेलवे मंत्रालय को रिपोर्ट देगी। जिसके बाद आगे रेलवे मंत्रालय फैसला लेगा।

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छात्रों के हंगामे पर प्रसिद्ध Youtuber और पटना के शिक्षक खान सर ने कहा कि एक टीचर गलत बोल सकता है लेकिन पूरे देश के टीचर और स्टूडेंट गलत नहीं बोलेंगे। छात्रों का आंदोलन जो उग्र हुआ इसके पीछे आरआरबी का सेकंड डिसिजन गलत था। रेलवे ने एक नोटिफिकेशन जारी किया था जिसमें डेढ़ करोड़ छात्र जिन्होंने ग्रुप डी का फॉर्म भरा था उनसे अब मेंस का एक्जाम लिया जाएगा। छात्रों ने 2019 में फॉर्म भरा था और फरवरी में एक्जाम होना था। पन्द्रह दिन पहले आरआरबी की ओर से बताया गया कि मेंस का एक्जाम लिया जाएगा। आरआरबी के इस फैसले के बाद घर में बैठे डेढ करोड़ छात्र अन ऑरगेनाइजड तरीके तरीके से बिना किसी प्लान के सीधे रेलवे ट्रैक पर चले आए। जिस वजह से ये घटनाएं हुई।

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खान सर ने कहा कि हमलोग तो छात्रों को ऐसा करने से रोक रहे है। प्रशासन का भी सहयोग कर रहे हैं। मंगलवार से हमलोग छात्रों को शांत कराने में लगे हैं लेकिन एक अकेला शिक्षक डेढ करोड़ छात्रों को कैसे संभालेगा। खान सर ने कहा कि आरआरबी ने जो अभी स्टेप लिया यदि यह स्टेप 18 जनवरी को लिया जाता तो इतना उपद्रव नहीं होता।
खान सर ने कहा कि छात्रों ने जो किया वह गलत है हम इसकी निंदा करते हैं। आरआरबी ने एक अच्छा स्टेप लिया है कि उसने सारे स्टूडेंट से अपनी सुझाव 16 फरवरी तक मांगा है और हरेक आरआरबी को यह निर्देश दिया गया है कि वे अपनी रिपोर्ट 4 मार्च तक दें। रेलवे मंत्रालय की ओर से यह जानकारी दी गयी कि परीक्षाओं पर रोक लगाने के साथ ही एक कमेटी का गठन किया गया है। पांच सदस्यीय कमिटी जांच के लिए बैठाई गयी है। खान सर ने कहा कि आरआरबी को यह काम पहले कर लेना चाहिए था। यह फैसला पहले लिया जाता तो शायद ऐसा विवाद नहीं होता।

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